हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 14 अगस्त 2025 – जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी ने किसानों को सूचित किया है कि जिले के निजी एवं सहकारी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में 6836 मीट्रिक टन यूरिया, 6003 मीट्रिक टन डीएपी और 7440 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध हैं।
कृषि अधिकारी ने किसानों से आग्रह किया है कि वे धान की फसल में यूरिया का प्रयोग केवल निर्धारित मात्रा और आवश्यकता के अनुसार ही करें। अधिक यूरिया प्रयोग से धान के पौधों में अत्यधिक बढ़वार होती है, जिससे पौधों के गिरने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही चावल की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक यूरिया से फसल में रोग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि यूरिया खरीदते समय आधार कार्ड और जोतवही के अनुसार ही खरीदारी करें तथा हर बार पॉस (POS) मशीन से प्राप्त पर्ची अवश्य लें। पर्ची से यह सुनिश्चित करें कि जितने बैग खरीदे गए हैं, उतने ही विक्रेता द्वारा दर्ज किए गए हैं। बिना बैग प्राप्त किए पॉस मशीन में अंगूठा न लगाएं और केवल बैग पर अंकित मूल्य के अनुसार ही भुगतान करें, ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।
अधिकारी ने बताया कि अनुदानित उर्वरकों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज रहता है, जिसकी समीक्षा जिला स्तर से लेकर भारत सरकार तक होती है। उन्होंने किसानों से सतर्क रहने और तय मात्रा में ही उर्वरक खरीदने की अपील की। यदि कोई विक्रेता टैगिंग करता है या निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय या विभागीय स्तर पर दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कृषि विभाग का यह संदेश किसानों को समय पर सही जानकारी देकर फसल की गुणवत्ता और मिट्टी की सेहत बनाए रखने के साथ-साथ उर्वरकों की कालाबाजारी पर भी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है।














