हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 20 सितम्बर 2025। क्वार्सी फार्म स्थित बहुउद्देश्यीय किसान कल्याण केंद्र में केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, आगरा द्वारा दो दिवसीय मानव संसाधन विकास अभिमुखी कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण हेतु एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

मुख्य अतिथि संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि किसान आईपीएम अपनाकर फसल, स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। वनस्पति संरक्षण अधिकारी ओमप्रकाश ने किसानों को राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) एप के बारे में जानकारी दी और इसे डाउनलोड करने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह एप कीट की पहचान, निगरानी और प्रबंधन में सहायक है और देशभर में कीट व बीमारियों का डाटा तैयार करने में मदद करता है।
उप निदेशक कृषि रक्षा डॉ. सतीश मलिक ने जैविक विधियों से कीट नियंत्रण की तकनीक पर प्रकाश डालते हुए मित्र व शत्रु कीटों की पहचान की महत्ता बताई। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने सरकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए किसानों को आईपीएम अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में सहायक अधिकारी दान सिंह ने व्यावहारिक व यांत्रिक विधियों की जानकारी दी, वहीं वैज्ञानिक सहायक कु. सिमरन ने एनपीएसएस एप और ट्राइकोडर्मा प्रयोग की जानकारी दी।
दो दिवसीय कार्यक्रम में दीमक व चूहा नियंत्रण, कंपोस्ट खाद निर्माण और जैविक नियंत्रण विधियों पर व्याख्यान हुए।
















