हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
1. एएमयू शिक्षक का शोध कार्यशाला में व्याख्यान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पैरामेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. गुफरान जलील ने ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में शोध पद्धति पर आयोजित कार्यशाला में आमंत्रित व्याख्यान दिया। “फ्रॉम रिसर्च क्वेश्चन्स टू एविडेंस सिंथेसिस” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने “रिस्क ऑफ बायस टूल 2 (ROB 2)” पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स में बायस के आकलन की चुनौतियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उनका सत्र इंटरैक्टिव रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए शोध प्रक्रियाओं की बेहतर समझ हासिल की।
2. एएमयू में अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण शुरू
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की पीएम विकास योजना के तहत महिलाओं के लिए “लीडरशिप एंड बेसिक एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट” प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। एबीके यूनियन गर्ल्स स्कूल में चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। पहले चरण में 241 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। यह पहल कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कार्यक्रम कुलपति प्रो. नइमा खातून और सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान के संरक्षण में संचालित हो रहा है। अगले चरण की शुरुआत मई के पहले सप्ताह में होगी।
3. विश्व ऑटिज्म जागरूकता सप्ताह पर एएमयू में कार्यक्रम
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में विश्व ऑटिज्म जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम में प्रो. ओम साई रमेश ने ऑटिज्म के कारण, पहचान और प्रबंधन पर जानकारी दी। डॉ. मोहम्मद रियाजुद्दीन ने समावेशी समाज की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में काउंसलर्स, छात्र और चिकित्सक शामिल हुए। साथ ही, ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और अभिभावकों के लिए इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इस आयोजन का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और समाज में स्वीकृति को मजबूत करना था।
4. प्लास्टिक सर्जरी विभाग का एसओपीएस कांफ्रेंस में प्रदर्शन
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने देहरादून में आयोजित एसओपीएस कांफ्रेंस 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. एम. फहुद खुर्रम ने वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता की। विभाग के पूर्व छात्र डॉ. काजी गजवान को ओरेशन अवॉर्ड के लिए चुना गया। डॉ. कृति शेखर को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति का पुरस्कार मिला, जबकि अन्य रेजिडेंट्स ने भी शोध प्रस्तुत किए। प्रो. खुर्रम को सोसायटी की कार्यकारी समिति का सदस्य बनाया गया। साथ ही, विभाग को 2028 में इस कांफ्रेंस की मेजबानी का अवसर मिला।
5. एएमयू फिल्म क्लब को ‘उद्देश्य’ में दूसरा स्थान
एएमयू के यूनिवर्सिटी फिल्म क्लब ने नई दिल्ली में आयोजित ‘उद्देश्य’ कार्यक्रम में “सूत्रधार” श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। क्लब का प्रतिनिधित्व राययान आरिफ ने किया, जिनकी फिल्म “द लास्ट माइल” को अंतिम तीन फिल्मों में शामिल किया गया। इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिल्म को दर्शकों और ज्यूरी ने सराहा। क्लब को बैंगलोर और पीजीपी ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल से भी आमंत्रण मिला है। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और नए अवसर प्राप्त हुए हैं।
6. एनाटॉमी विभाग का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदर्शन
एएमयू के एनाटॉमी विभाग ने जयपुर में आयोजित एसओसीए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में उल्लेखनीय भागीदारी की। सम्मेलन में क्लिनिकल एनाटॉमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रो. फराह गौस ने सत्र की अध्यक्षता की। डॉ. मिदहत मुत्तकी और डॉ. परबिन को सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार मिला, जबकि डॉ. विस्वानी को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला। विभागाध्यक्ष प्रो. फजल उर रहमान ने प्रतिभागियों को बधाई दी। यह उपलब्धि विभाग की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
7. विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एएमयू में प्रदर्शनी और संगोष्ठी
विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 पर एएमयू में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। यूनानी मेडिसिन फैकल्टी में “वन वर्ल्ड, वन नेशन, वन साइंस” विषय पर कार्यक्रम हुआ, जबकि कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने “द हेल्थस्केप” प्रदर्शनी आयोजित की। इसमें छात्रों ने जनस्वास्थ्य मुद्दों पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में अनिका रुमान राही, आमरा आरिफ और आर्यन प्रताप सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने निवारक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया। यह आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
8. डॉ. अताउल्लाह फहद बने विभागाध्यक्ष
एएमयू के यूनानी मेडिसिन फैकल्टी में डॉ. अताउल्लाह फहद को इल्मुल अमराज विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। डॉ. फहद यूनानी पैथोलॉजी और शोध के क्षेत्र में अनुभवी हैं और 45 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। वर्तमान में वह ऑस्टियोआर्थराइटिस पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने “महियतुल अमराज” विषय पर ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी विकसित किया है। उनकी नियुक्ति से विभाग में शिक्षा, शोध और डिजिटल लर्निंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।















