हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
वाशिंगटन में कूटनीतिक सक्रियता तेज
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी इन दिनों अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर के साथ अहम बैठक की। बैठक में व्यापार, रक्षा, अहम खनिजों और ‘क्वाड’ सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
ट्रेड डील पर बढ़ी उम्मीदें
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका की ओर से संकेत मिला है कि इस महीने के अंत में वॉशिंगटन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया जाएगा। इससे साफ है कि व्यापारिक संबंधों को नई गति देने की कोशिशें जारी हैं।
रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
बैठकों में पश्चिम एशिया संकट, विशेषकर ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट के खुलने जैसे फैसलों का वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिसे भारत और अमेरिका दोनों करीब से देख रहे हैं।
उच्च-स्तरीय संवाद का सिलसिला जारी
विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा का अवसर है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर की वॉशिंगटन यात्रा और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर से मुलाकात भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण रही है।
आगे का रोडमैप और मजबूत रिश्ते
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख स्तंभों—व्यापार, रक्षा और तकनीक—को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। साथ ही, अगले महीने मार्को रुबियो की भारत यात्रा से संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।
भारत और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ता संवाद यह दर्शाता है कि दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच अपने रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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