हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
लोन दिलाने के बहाने आधार-पैन लेकर बनाई कंपनी, CGST का नोटिस मिलने पर सामने आया करोड़ों के टैक्स घोटाले का मामला
गोरखपुर में पहचान पत्रों के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पंचर मिस्त्री के नाम पर कथित रूप से फर्जी कंपनी बनाकर 100 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया गया और 28 करोड़ रुपये का GST बकाया छोड़ दिया गया। मामले की जानकारी तब हुई जब पीड़ित को CGST विभाग की ओर से समन मिला।
एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी राज प्रजापति पंचर बनाने की छोटी दुकान चलाते हैं। उन्हें वाराणसी स्थित CGST कार्यालय से समन प्राप्त हुआ, जिसमें उनकी कंपनी ‘मेसर्स गड़जेट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये दर्शाया गया था। साथ ही कंपनी पर 28 करोड़ रुपये GST बकाया बताया गया। यह देखकर राज प्रजापति के होश उड़ गए, क्योंकि उन्हें ऐसी किसी कंपनी की जानकारी ही नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में CGST जांच के दौरान कंपनी का मामला सामने आया था। बाद में 27 मई को जारी समन में राज प्रजापति को 29 मई को वाराणसी स्थित कमिश्नर कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उन्होंने एम्स थाने में शिकायत दर्ज कराई।
राज प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की शादी के लिए 30 हजार रुपये का लोन दिलाने के बहाने गांव के ही अमित गुप्ता ने उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षर लिए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी बनाई गई और यस बैंक में खाता भी खुलवाया गया। कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाने के बाद उसे बंद कर दिया गया।
जब वाराणसी की CGST टीम जांच के लिए राज प्रजापति के गांव पहुंची और उनकी आर्थिक स्थिति तथा छोटी दुकान देखी तो अधिकारी भी हैरान रह गए। पूछताछ के बाद टीम वापस लौट गई।
क्षेत्राधिकारी कैंट आभा सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत प्राप्त हुई है। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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