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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों की बदहाली पर भड़कीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, 3 महीने में सुधार के दिए निर्देश

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :

निरीक्षण में सामने आईं अव्यवस्थाएं, भोजन की गुणवत्ता से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक उठाए सवाल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई गंभीर कमियां मिलीं, जिन पर उन्होंने अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावासों की सभी कमियां तीन महीने के भीतर दूर की जाएं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के शहर के विश्वविद्यालय की यह स्थिति है, तो अन्य संस्थानों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

मेस व्यवस्था और खाने की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने पाया कि छात्राओं के हॉस्टल में मेस संचालित है, जबकि छात्र हॉस्टल के विद्यार्थियों को बाहर से टिफिन मंगाकर भोजन करना पड़ रहा है। इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उन्होंने बॉयज हॉस्टल में नियमित मेस शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं रसोई का निरीक्षण किया और उपयोग किए जा रहे खाद्य तेल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। राज्यपाल ने मौके पर ही खाद्य सुरक्षा विभाग को तेल का नमूना लेने का निर्देश दिया और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयं भी अलग से नमूना सुरक्षित कराया। उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।

वाई-फाई, रोशनी और स्वच्छता की स्थिति पर चिंता

राज्यपाल ने छात्रावासों में वाई-फाई, पर्याप्त रोशनी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि अलकनंदा हॉस्टल में वाई-फाई और प्रकाश व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, जबकि कमरों में पंखे उनके दौरे से ठीक पहले लगाए गए। राम प्रसाद शुक्ला छात्रावास में गंदगी और सीढ़ियों पर पान-मसाले के दाग देखकर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।

अमरावती गर्ल्स हॉस्टल के बंद कमरों पर मांगी जवाबदेही

राज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्मित अमरावती गर्ल्स हॉस्टल का भी उल्लेख किया, जहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण पिछले तीन वर्षों से 50 कमरे उपयोग में नहीं आ सके हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने तथा प्राथमिकता के आधार पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

‘राज्यपाल ही नहीं, एक मां के रूप में भी हूं चिंतित’

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वह केवल राज्यपाल के रूप में नहीं, बल्कि एक मां के रूप में भी छात्रों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कुलपति को खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावासों में स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

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