हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
‘ऑपरेशन फेक जॉब’ के तहत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कॉल सेंटर से मोबाइल, सिम और फर्जी दस्तावेज बरामद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन फेक जॉब’ के तहत विभूतिखंड क्षेत्र में छापेमारी कर तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों और निजी बैंकों का एचआर अधिकारी बताकर युवाओं से रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और प्लेसमेंट फीस के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल से जुटाते थे युवाओं का डेटा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा एकत्र करते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर आकर्षक वेतन वाली नौकरी का झांसा दिया जाता था। भरोसा बढ़ाने के लिए फर्जी ऑफर लेटर, जॉइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे। जब अभ्यर्थी इनके झांसे में आ जाते, तो उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, मेडिकल टेस्ट और प्लेसमेंट चार्ज के नाम पर पैसे ऐंठ लिए जाते थे।
छापेमारी में मिला साइबर ठगी का सामान
क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड, फर्जी दस्तावेज, एक कार और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
कई राज्यों से जुड़ सकती हैं ठगी की कड़ियां
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ देश के कई राज्यों से साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा और कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी की। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।
पुलिस की अपील
विभूतिखंड थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को रजिस्ट्रेशन या प्लेसमेंट फीस देने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

















