हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई, वापसी के सभी रास्ते बंद
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी में बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद एवं पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक अशोक सिद्धार्थ को स्थायी रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी नहीं होगी। अशोक सिद्धार्थ, बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर हैं।
कई राज्यों से मिली थीं शिकायतें
रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण में तालमेल की कमी, अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों की अनदेखी के आरोप पहले भी लगे थे। इन्हीं कारणों से उन्हें वर्ष 2025 में पार्टी से निकाला गया था। हालांकि, बाद में सुधार का अवसर देते हुए उन्हें दोबारा शामिल किया गया और उत्तर प्रदेश के बजाय अन्य राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अफवाह फैलाने का भी आरोप
मायावती के अनुसार, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों का दायित्व अशोक सिद्धार्थ को दिया गया था, वहां से भी लगातार शिकायतें मिलती रहीं। कई चेतावनियों के बावजूद सुधार नहीं हुआ। शनिवार को उन्हें सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में उनकी वापसी की अफवाहें फैलाकर पार्टी में भ्रम पैदा करने और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इसी के चलते उन्हें स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया।
रणधीर सिंह बेनीवाल भी बाहर, रामजी गौतम को नई जिम्मेदारी
मायावती ने सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। वहीं, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पंजाब सहित अन्य राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों को प्रदेश में कोई संगठनात्मक दायित्व नहीं दिया जाएगा। अंत में मायावती ने कार्यकर्ताओं से अफवाहों से सतर्क रहने और मीडिया से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने की अपील की।














