हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
चंदा गबन मामले की जांच तेज, आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत; अब तक लाखों रुपये नकद, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा बरामद
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में आरोपी लवकुश मिश्रा के परिवार पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया को सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में बन रहे कथित अवैध मकान के संबंध में नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण के अनुसार, मकान का निर्माण आवश्यक स्वीकृति लिए बिना कराया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जिस भूमि पर मकान का निर्माण हो रहा है, वह सुप्रिया के नाम पर खरीदी गई थी। निर्माण नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर प्राधिकरण आगे की कार्रवाई, जिसमें ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) भी शामिल हो सकता है, पर निर्णय ले सकता है। हालांकि फिलहाल केवल नोटिस जारी किया गया है और अंतिम फैसला जवाब मिलने के बाद लिया जाएगा।
उधर, पुलिस ने दान गबन मामले की जांच और तेज कर दी है। बुधवार को जांच टीम ने लवकुश मिश्रा के आवास की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले के एक अन्य आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा और कस सकता है, क्योंकि उसके पास से सबसे अधिक नकदी बरामद हुई है।
जांच में अब तक अविनाश शुक्ला के पास से 20.39 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये तथा रमाशंकर उर्फ टीनू से 1 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा करीब 11 ग्राम सोना, 375 ग्राम चांदी और 1121 अमेरिकी डॉलर भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने अयोध्या के एक योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ लिखे पेटीएम क्यूआर कोड वाले दान बॉक्स को भी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि अविनाश शुक्ला पिछले करीब दस वर्षों से इसी केंद्र में रह रहा था।
गौरतलब है कि राम मंदिर के दान में कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अब तक इस मामले में दान गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है।

















