हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
वाराणसी में दी सीधी चुनौती
Smriti Irani ने Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोलते हुए वाराणसी में खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश में दम है तो वह अपनी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। स्मृति ने कहा कि पैतृक सीट से चुनाव लड़ना आसान होता है, लेकिन किसी दूसरे के गढ़ में जाकर जीत हासिल करना असली परीक्षा होती है।
मैंने कांग्रेस अध्यक्ष को हराया’
स्मृति ईरानी ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि एक कामकाजी महिला होने के बावजूद उन्होंने दूसरे के गढ़ में जाकर जीत दर्ज की। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में Rahul Gandhi को हराने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह साबित करता है कि मेहनत और संघर्ष से राजनीति में पहचान बनाई जा सकती है।
संसद की टिप्पणी पर विवाद
दरअसल, संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी पर ‘सास-बहू’ वाला तंज कसा था। उन्होंने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के संदर्भ में यह टिप्पणी की, जिसे लेकर सियासी माहौल गरमा गया।
सोशल मीडिया पर भी हमला
स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि वे सीरियल जैसे मुद्दों से हटकर संसद के काम पर ध्यान दें और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विधेयकों का समर्थन करें।
यूपी की राजनीति में बढ़ी तल्खी
इस बयानबाजी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। स्मृति ईरानी ने यह भी दावा किया कि राज्य में अखिलेश यादव का विपक्ष में रहना तय है, जबकि अखिलेश की ओर से अभी इस चुनौती पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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