हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 21 मई : 2025
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग एक करोड़ बच्चों के अभिभावकों के खाते में इस महीने 1200 रुपये डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाएंगे। यह राशि बच्चों के लिए नि:शुल्क बैग, ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजे जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए दी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए समय मांगा गया है।
1.33 लाख स्कूलों में 1.51 करोड़ बच्चे पढ़ रहे हैं
पिछले सत्र 2024-25 में प्रदेश के 1.33 लाख परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.51 करोड़ बच्चे पढ़ रहे थे। वर्तमान में नए सत्र 2025-26 के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है और अब तक एक करोड़ से ज्यादा बच्चों का नामांकन पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि कक्षा पहली और छठी में लगभग 4 लाख नए बच्चों का नामांकन हुआ है।
इस योजना का उद्देश्य है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर बच्चे पूरी ड्रेस और बैग सहित स्कूल पहुंचें। इससे अभिभावकों को भी आर्थिक मदद मिलेगी और बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। पिछले वर्षों में DBT में काफी देरी हो जाती थी, जो इस साल मई के आखिरी सप्ताह तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए शासन और समग्र शिक्षा मद से बजट का प्रावधान भी कर लिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के वार्षिक तबादला नीति के तहत माइनस मार्किंग लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने कहा कि अब तबादले के लिए भारांक जारी किए जाएंगे, जिसमें शिक्षक के व्यवहार एवं कार्य प्रदर्शन के आधार पर अंक काटे जाएंगे।
माइनस मार्किंग की मुख्य बातें:
- लघु दंड प्राप्त करने वाले शिक्षक से 5 नंबर काटे जाएंगे।
- पिछले तीन साल में गंभीर दंड पाए शिक्षक से 10 नंबर काटे जाएंगे।
- तबादला ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से होगा।
- रिक्तियां केवल उन्हीं विद्यालयों में प्रदर्शित होंगी जहां तीन या कम सहायक अध्यापक कार्यरत हों।
- शिक्षक 10 विद्यालयों की वरीयता चुन सकेंगे।
- 31 मार्च 2022 के बाद नियुक्त शिक्षक तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
- राजकीय बालिका इंटर व हाईस्कूल के पदों के लिए केवल महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं।
भारांक में अतिरिक्त मानदंड:
- दिव्यांगता के आधार पर 20 नंबर।
- दंपती का राजकीय सेवा में होना – 20 नंबर।
- गंभीर बीमारी या दिव्यांग बच्चों पर 15 नंबर।
- सेवानिवृत्ति के दो वर्ष से कम समय होने पर 15 नंबर।
- दस वर्ष की सेवा पर अधिकतम 20 नंबर।
तबादला प्रक्रिया और समयसीमा:
- तबादले कुल पदों के 10 प्रतिशत तक ही होंगे।
- पूरी प्रक्रिया 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
- अधिकतम उम्र वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी यदि आवेदकों का गुणांक समान हो।
प्रदेश में शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ शिक्षकों के तबादला नीति में सुधार भी किया है। इससे न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे, बल्कि शिक्षकों के कार्य में भी पारदर्शिता बढ़ेगी। आने वाले समय में इन पहलों से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
















