हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
जर्मन संस्थानों के साथ गहन संवाद
दत्तात्रेय होसबोले, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह हैं, ने 28-29 अप्रैल को बर्लिन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के प्रमुख नीति संस्थानों जैसे Stiftung Wissenschaft und Politik, Konrad-Adenauer-Stiftung और Abgeordnetenhaus के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। चर्चा में भारत-जर्मनी संबंधों, सामाजिक संरचना और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
प्रवासियों की भूमिका को मिली सराहना
बैठकों के दौरान जर्मन पक्ष ने भारतीय प्रवासियों के योगदान को खुलकर सराहा। उन्होंने माना कि भारतीय समुदाय अपनी उच्च शिक्षा, कुशलता और कार्य संस्कृति के जरिए जर्मन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खासतौर पर टैक्स योगदान और प्रोफेशनल सेक्टर में उनकी भागीदारी को उल्लेखनीय बताया गया।

सतत समाज के निर्माण पर जोर
होसबोले ने आरएसएस के 100 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य परिवार, समाज और पर्यावरण के स्तर पर संतुलित और सतत समाज का निर्माण करना है। उन्होंने भारत और जर्मनी की सामाजिक संरचनाओं में समानताओं की ओर भी ध्यान दिलाया और साझा मूल्यों के आधार पर सहयोग बढ़ाने की बात कही।
संवाद जारी रखने का आमंत्रण
सरकार्यवाह ने जर्मन प्रतिनिधियों को भारत आने का निमंत्रण देते हुए भविष्य में संवाद को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
प्रवासियों की जिम्मेदारी पर संदेश
होसबोले ने जर्मनी में रहने वाले भारतीयों से अपील की कि वे स्थानीय समाज के साथ सक्रिय रूप से जुड़ें और सामाजिक सामंजस्य को मजबूत करें। उन्होंने नागरिक समाज संस्थाओं की भूमिका को भी अहम बताया।
HSS कार्यक्रम में संबोधन
दौरे के दौरान उन्होंने Hindu Swayamsevak Sangh द्वारा आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम को भी संबोधित किया। आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
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