हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
126 साल के सबसे विनाशकारी भूकंपों में शामिल त्रासदी
वेनेजुएला में बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत एजेंसियों के अनुसार 200 से ज्यादा लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और करीब 39 हजार लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इसे पिछले 126 वर्षों में देश के सबसे भीषण भूकंपों में गिना जा रहा है। इसके झटके पड़ोसी ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किए गए।
ला गुएरा सबसे ज्यादा प्रभावित, एयरपोर्ट भी बंद
सबसे अधिक नुकसान तटीय क्षेत्र ला गुएरा में हुआ है, जहां कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं। इसी इलाके में स्थित देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद कर दिया गया है, जिससे राहत सामग्री और बचाव दलों के पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ला गुएरा को आपदा क्षेत्र घोषित करते हुए देशभर से बचाव दल और भारी मशीनें भेजने के निर्देश दिए हैं।
राहत अभियान तेज, कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
गुरुवार सुबह से स्थानीय लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में खुद मलबा हटाते दिखाई दिए। बचाव दलों ने कई घायलों, बच्चों और पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला। सरकारी टीवी पर सीमेंट की भारी स्लैब के नीचे फंसी एक महिला के सफल रेस्क्यू का दृश्य भी दिखाया गया। डोमिनिकन रिपब्लिक की राहत टीम पहुंचने वाली है, जबकि अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, मैक्सिको, स्पेन, पुर्तगाल और कतर समेत कई देशों ने मेडिकल टीमें, खोजी कुत्ते, ड्रोन और राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है।
बिजली, गैस और संचार सेवाएं प्रभावित
भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क, मेट्रो सेवा और गैस आपूर्ति ठप हो गई है। स्कूलों में छुट्टी घोषित कर उन्हें राहत शिविरों में बदल दिया गया है। लोग लापता परिजनों की तस्वीरों के साथ पोस्टर लगाकर उनकी तलाश कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका ने राहत कार्यों को सुगम बनाने के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंध 23 अक्टूबर तक अस्थायी रूप से हटा दिए हैं।













