हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ठगों ने एक रिटायर्ड सूबेदार और उनकी पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 6 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और उनसे 82 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित दंपति सदर कोतवाली क्षेत्र के सम्राट नगर मोहल्ले के निवासी बताए जा रहे हैं।
कैसे रचा गया ठगी का जाल
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर दंपति को कॉल किया। उन्होंने किसी गंभीर केस में फंसाने की धमकी दी और लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखने लगे। ठगों ने दंपति को 24 घंटे ऑनलाइन रहने के लिए मजबूर किया, जिससे वे पूरी तरह डर और दबाव में आ गए।
टॉयलेट जाने तक की लेनी पड़ी अनुमति
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि दंपति को घर में सामान्य गतिविधियों के लिए भी ठगों से अनुमति लेनी पड़ रही थी। यहां तक कि शौचालय जाने के लिए भी इजाजत मांगनी पड़ती थी। लगातार निगरानी और धमकियों के कारण दोनों मानसिक रूप से टूट गए और ठगों के निर्देशों का पालन करते रहे।
82.5 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर
ठगों ने दंपति से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 82.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। यह रकम IndusInd Bank नोएडा और Yes Bank बैरकपुर (पश्चिम बंगाल) स्थित खातों में भेजी गई। छठे दिन दंपति ने साहस जुटाकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाल रही है और साइबर गिरोह की पहचान में जुटी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।
सावधानी ही बचाव
यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी है। लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत पुलिस को सूचना देने की जरूरत है।
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