• Home
  • अलीगढ
  • पर्यटन परियोजनाओं की होगी जमीनी पड़ताल, उपयोगिता के आधार पर ही मिलेगी स्वीकृति: जयवीर सिंह
Image

पर्यटन परियोजनाओं की होगी जमीनी पड़ताल, उपयोगिता के आधार पर ही मिलेगी स्वीकृति: जयवीर सिंह

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :

18 मंडलों की समीक्षा का अलीगढ़ से आगाज, नवंबर तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश

अलीगढ़, 20 जुलाई। उत्तर प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं को अब केवल कागजी प्रस्तावों के आधार पर मंजूरी नहीं मिलेगी। प्रत्येक परियोजना का पहले स्थलीय सत्यापन, जनहित, उपयोगिता और व्यवहारिकता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रदेशव्यापी मंडलवार समीक्षा बैठक की शुरुआत अलीगढ़ से करते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए।

जनधन के प्रभावी उपयोग पर सरकार का जोर

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर परियोजना का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी प्रस्ताव के साथ भूमि अभिलेख, नवीनतम स्थल फोटोग्राफ, परियोजना की व्यवहारिक लागत, ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व के प्रमाण तथा स्थानीय जनता और पर्यटकों को होने वाले लाभ का विस्तृत विवरण देना अनिवार्य होगा। संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी भी पहले से तय की जाएगी।

18 मंडलों में होगी समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण

अलीगढ़ मंडल से शुरू हुई समीक्षा के दौरान अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस जिलों की पर्यटन परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में इसी प्रकार समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी और प्रत्येक परियोजना का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। इससे परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और अनावश्यक या अनुपयोगी प्रस्तावों पर रोक लग सकेगी।

नवंबर 2026 तक पूरी हों लंबित परियोजनाएं

बैठक में पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। जिन परियोजनाओं का कार्य लंबित है, उन्हें हर हाल में नवंबर 2026 तक पूरा किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों सहित सभी जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की नियमित जानकारी दी जाए तथा शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी के निर्देशन में हो रही नियमित मॉनिटरिंग

मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बैठक में बताया कि जिले में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं का जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर प्रशासनिक और तकनीकी टीम द्वारा प्रतिमाह निरीक्षण कराया जा रहा है। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

हालांकि मंत्री ने उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा कुछ कार्य समय पर शुरू न किए जाने पर नाराजगी जताई और संबंधित महाप्रबंधक को आवश्यक निर्देश दिए।

50 करोड़ का होटल मैनेजमेंट संस्थान बनेगा नई पहचान

बैठक में जानकारी दी गई कि लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में इस परियोजना का लगभग 34 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

मंत्री ने कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज, उत्तर प्रदेश जल निगम को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि संस्थान समय पर तैयार होकर पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध करा सके।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया स्वरूप

समीक्षा बैठक में भोपतपुर चौराहे स्थित शिव मंदिर, अतरौली क्षेत्र, खैर तहसील के ग्राम शादीपुर में शहीद भगत सिंह के अल्प प्रवास स्थल सहित कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

मंत्री ने निर्देश दिए कि छोटे धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजे जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय भवन, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली, बैठने की सुविधा, पैदल मार्ग और लैंडस्केपिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

58 परियोजनाओं की समीक्षा, 38 कार्य पूरे

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि मंडल में पांच कार्यदायी संस्थाओं को कुल 58 पर्यटन विकास कार्य सौंपे गए हैं। इनमें 38 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 15 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में सुमेरा दरियापुर की चामुंडा माता मंदिर, इगलास के प्राचीन शिव मंदिर, बनखंडी आश्रम, हनुमानगढ़ कुटी आश्रम, भोजताल, महादेव मंदिर, नौ देवी मंदिर, अचलेश्वर मंदिर, खेरेश्वर महादेव मंदिर, बड़े महादेव भैरव मंदिर, चंद्र मौलेश्वर मंदिर और प्राचीन गंगा मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

इसके अलावा कासगंज के सोरों क्षेत्र, दरियागंज झील के इको टूरिज्म, हाथरस के विभिन्न मंदिरों और एटा जिले के विश्वनाथ धाम, आर्य समाज मंदिर, सम्राट अशोक बुद्ध विहार तथा मां बराही देवी मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।

जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

बैठक में विभिन्न सांसदों और विधायकों द्वारा भेजे गए धार्मिक एवं पर्यटन विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जयगंज स्थित मंगलेश्वर महाराज मंदिर, सोमना रोड का मां दुर्गा पथवारी मंदिर, दाउदपुर का प्राचीन शिव मंदिर एवं शनिदेव मंदिर, कुलीजारी माता मंदिर, बरखंडी महादेव मंदिर, नगला बरौला का शिव मंदिर, ग्वालरा का प्राचीन शिव मंदिर, अमर गुरुदेव स्थल, कानसेन मंदिर, माता सती मंदिर, माता काली मंदिर, बजरंगबली मंदिर, रघुनाथ मंदिर, आर्य समाज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, ललिता माता मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर संत वाटिका और सांसद अनूप प्रधान के प्रस्ताव पर परशुराम आश्रम में बहुउद्देशीय हाल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साइनेज, क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य शामिल हैं।

बेहतर समन्वय और आधुनिक सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। सोरों सूकर क्षेत्र के संपर्क मार्ग पर साइनेज कार्य जुलाई के अंत तक पूरा किया जाए तथा पर्यटन कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाए। उन्होंने बताया कि आगामी 15 दिनों के भीतर पर्यटन कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर और अनुसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पारदर्शिता, गुणवत्ता और जनभागीदारी होगी प्राथमिकता

बैठक के अंत में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाने के लिए हर परियोजना में पारदर्शिता, गुणवत्ता, समयबद्धता और जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्थानीय विकास का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक योजना का लाभ आम जनता और श्रद्धालुओं तक पहुंचना चाहिए।

Releated Posts

एक बार फिर बरौली पर दोनों वीरों के बीच होगा घमासान !!

अलीगढ़: हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :जैसे जैसे सर्दी आने को हैं , अलीगढ़ में राजनिति का तापमान बढ़ रहा…

ByByHindustan Mirror News Sep 19, 2026

एक बार फिर बरौली पर दोनों वीरों के बीच होगा घमासान !!

अलीगढ़: हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :जैसे जैसे सर्दी आने को हैं , अलीगढ़ में राजनिति का तापमान बढ़ रहा…

ByByHindustan Mirror News Sep 19, 2026

UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क की निगरानी बढ़ाएगी सरकार

MDR लागू होने की तैयारी के बीच ग्राहकों को राहत, बैंकों और UPI ऐप्स को शुल्क न थोपने…

ByByHindustan Mirror News Sep 18, 2026

ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा से घर में आती है सकारात्मक ऊर्जा, पर्यावरण भी सुरक्षित

अलीगढ़, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :। श्री अखलेश्वर महादेव मंदिर, रघुवीरपुरी में शनिवार को निःशुल्क ईको फ्रेंडली श्री गणेश…

ByByHindustan Mirror News Sep 12, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *