नई दिल्ली:हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता का मजबूत प्रदर्शन किया है। जहां कई देशों में ईंधन संकट और सप्लाई चेन टूटने की आशंका है, वहीं भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार के प्रभावी प्रबंधन के चलते आम जनता को किसी तरह की कमी या कीमतों में उछाल का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
ईंधन और एलपीजी की निर्बाध सप्लाई
देशभर में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की 100% उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। रोजाना लगभग 51.8 लाख गैस सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है। 98% बुकिंग डिजिटल माध्यम से और 94% डिलीवरी सुरक्षित कोड (DAC) के जरिए हो रही है। कालाबाजारी रोकने के लिए 2100 से ज्यादा छापे मारे गए, 310 एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया और 70 लाइसेंस निलंबित किए गए।
अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार
देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाकर कीमतों को नियंत्रित रखा है। अस्पताल, फार्मा और कृषि क्षेत्रों में 70% तक सप्लाई बहाल हो चुकी है। वहीं, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की मांग बढ़ी है और एक दिन में 82,000 की बिक्री दर्ज हुई।
पीएनजी कनेक्शन से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
मार्च 2026 से अब तक 5.45 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जो स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है। इससे घरेलू गैस पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी
पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में भी बड़ी सफलता हासिल की है। 2,764 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 28 फरवरी से अब तक 12.96 लाख लोग स्वदेश लौट चुके हैं। ईरान से भी 2,445 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कुल मिलाकर, भारत ने संकट के समय मजबूत नीति, प्रभावी प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई के जरिए खुद को वैश्विक स्तर पर एक सक्षम और भरोसेमंद देश साबित किया है।
#IndiaEnergySecurity #MiddleEastCrisis #FuelSupply #EconomicStability #RescueOperation













