• Home
  • Delhi
  • भारत को वन-चाइना पॉलिसी पर पुनर्विचार करना चाहिए?
Image

भारत को वन-चाइना पॉलिसी पर पुनर्विचार करना चाहिए?

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश पर लगातार किए जा रहे दावों और आक्रामक रुख ने एक बार फिर भारत की वन-चाइना पॉलिसी पर बहस को तेज कर दिया है। हाल ही में शंघाई हवाई अड्डे पर एक भारतीय महिला यात्री को चीनी अधिकारियों ने रोक लिया और उसके भारतीय पासपोर्ट को मान्यता देने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह अरुणाचल प्रदेश की निवासी थीं। यह कदम चीन की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह विवादित क्षेत्रों पर अपना दबदबा दिखाने के लिए बार-बार दावे करता है।

भारत अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकारें चुनी जाती हैं, जबकि चीन इसे अपने तथाकथित “साउथ तिब्बत” का हिस्सा बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम फैलाने की कोशिश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ताइवान और तिब्बत की तरह ही विवादित बयान देकर भू-राजनीतिक दबाव बनाने की नीति अपनाता है।

इन घटनाओं ने भारतीय विदेश नीति निर्माताओं को इस बात पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या वक्त आ गया है जब भारत को वन-चाइना पॉलिसी पर दोबारा सोचने की आवश्यकता है। भारत वर्षों से इस नीति का समर्थन करता आया है, लेकिन चीन की लगातार उकसाने वाली गतिविधियाँ इस पर पुनर्विचार की जरूरत को उजागर करती हैं।

Releated Posts

मौका मिला तो राहुल ने मचा दिया धमाल, 87 गेंदों में ठोका नाबाद 129

गिल-कोहली के जल्दी लौटने के बाद संभाली पारी, आखिरी ओवरों में बरसाए चौके-छक्के न्यू चंडीगढ़, 3 अक्टूबर। वेस्टइंडीज…

ByByHindustan Mirror News Oct 3, 2026

मलेशिया को 5-1 से हराकर भारत फिर बना हॉकी चैंपियन,जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : लगातार दूसरी बार जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण, लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट भी…

ByByHindustan Mirror News Oct 3, 2026

कैप्टन स्मित मछार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पहचान उजागर

हमाम अल-हम्मामी पर सुरक्षा संबंधी गंभीर आरोप, फ्लाइट में कुल्हाड़ी से हमले के बाद सऊदी अरब में हुई…

ByByHindustan Mirror News Oct 3, 2026

चार घंटे चली बैठक में भाजपा की नई टीम को मिला टास्क,युवाओं और अलग-अलग वर्गों से संपर्क बढ़ाने पर जोर

राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों को बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने, जनप्रतिनिधियों की बात सुनने और संगठन-सरकार के बीच…

ByByHindustan Mirror News Sep 29, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *