हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
एक से अधिक हल्कों का प्रभार होने पर बदली व्यवस्था, दोपहर 2 बजे तक उपस्थिति भी होगी मान्य; जिलाधिकारियों को नए सिरे से रोस्टर बनाने के निर्देश।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को राजस्व संबंधी सेवाएं उनके गांव में ही आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्व परिषद ने लेखपालों की ग्राम सचिवालय में उपस्थिति को लेकर नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर लेखपालों के बैठने के लिए नया रोस्टर तैयार कराने और उसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
राजस्व परिषद ने बताया कि 25 जून 2026 को जारी आदेश के तहत 1 जुलाई 2026 से लेखपालों की ग्राम सचिवालय में नियमित बैठने की व्यवस्था लागू की गई थी। इसका उद्देश्य आम नागरिकों के राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित निस्तारण और लेखपालों द्वारा अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन सुनिश्चित करना था।
हालांकि, परिषद के संज्ञान में आया कि कई लेखपालों के पास एक से अधिक हल्कों का प्रभार होने के कारण उपजिलाधिकारी स्तर पर जारी रोस्टर के अनुसार सभी ग्राम सचिवालयों में नियमित रूप से बैठना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को देखते हुए परिषद ने व्यवस्था में संशोधन किया है।
नए निर्देशों के अनुसार, यदि किसी लेखपाल के पास दो हल्कों का प्रभार है तो उसे प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में सप्ताह में कम से कम एक दिन बैठना अनिवार्य होगा। वहीं, दो से अधिक हल्कों का प्रभार होने की स्थिति में संबंधित लेखपाल को हर दो सप्ताह में प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में कम से कम एक दिन उपस्थित होना होगा।
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से पूरा कार्यदिवस ग्राम सचिवालय में बैठना संभव न हो तो लेखपाल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। इसी अवधि में वह अपने सभी राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करेगा।
राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित व्यवस्था के अनुरूप नए सिरे से रोस्टर जारी किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीणों को ग्राम सचिवालय में समयबद्ध और प्रभावी राजस्व सेवाएं उपलब्ध हों।













