हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 3 मई : 2025,
योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, एजेंसियों के उत्पीड़न से मिलेगी मुक्ति
उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि प्रदेश में जल्द ही ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ का गठन किया जाएगा। इस निगम के तहत अब सभी आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्तियों, वेतन, अवकाश और सेवा सुविधाओं का केंद्रीकृत रूप से प्रबंधन होगा।
ईएसआई और ईपीएफ की सुविधाएं होंगी सुनिश्चित
अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों को ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) और ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता था। कई एजेंसियाँ इन खातों को खोलती ही नहीं थीं या फिर उनमें राशि जमा नहीं करती थीं। लेकिन निगम के गठन के बाद इन कर्मचारियों को ये सभी लाभ सुनिश्चित रूप से मिलेंगे।
भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश, एजेंसियों की मनमानी होगी खत्म
सरकार के इस कदम से कर्मचारियों को एजेंसियों के शोषण और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। अब कर्मचारियों की नियुक्ति, नवीनीकरण, वेतन कटौती और अन्य समस्याओं में पारदर्शिता आएगी। आउटसोर्स सेवा निगम गैर-लाभकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा।
सरकार को भी होगा बड़ा आर्थिक लाभ
अभी तक सरकार को आउटसोर्स एजेंसियों को कमीशन और जीएसटी के रूप में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था। लेकिन निगम के गठन के बाद इस पर 22.5% तक की खर्च में कमी आने की संभावना है। इससे सरकार के धन की बचत होगी और वह सीधे कर्मचारियों के कल्याण में निवेश कर सकेगी।
महिलाओं को मिलेगा मैटरनिटी लीव, मुफ्त इलाज और पेंशन
इस निगम के माध्यम से कर्मचारियों को ईएसआई योजना के अंतर्गत 180 दिन की मैटरनिटी लीव, ईएसआई अस्पतालों में मुफ्त इलाज, सेवा समाप्ति पर पेंशन, मेडिकल लीव, और आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा
सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होने वाली अगली राज्य कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है। मंजूरी के बाद निगम के गठन की प्रक्रिया को तेजी से लागू किया जाएगा।














