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आरबीआई ने पॉलिमर नोटों की तैयारी तेज की, सफल ट्रायल के बाद बड़े मूल्यवर्ग के नोट भी होंगे शामिल
नई दिल्ली। भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोटों का दौर शुरू हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में बड़े मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलिमर सामग्री में जारी किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, अगले तीन से छह महीने के भीतर इन नोटों का सीमित स्तर पर प्रचलन शुरू किया जा सकता है, जबकि करीब एक वर्ष तक ट्रायल चलने की संभावना है।
आरबीआई ने पॉलिमर शीटों के निर्माण और आपूर्ति के लिए वैश्विक स्तर पर टेंडर आमंत्रित किए हैं। इन नोटों में अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे, जिनमें पारदर्शी विंडो, धातुयुक्त अंक, चुंबकीय सुरक्षा धागा, शैडो इमेज और इरिडिसेंट पैटर्न प्रमुख हैं। इन विशेषताओं के कारण नकली नोट तैयार करना बेहद कठिन होगा और जाली नोटों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पॉलिमर नोटों का सबसे बड़ा लाभ उनकी लंबी उम्र है। वर्तमान कागजी नोट, विशेषकर 10 और 20 रुपये के नोट, अधिक उपयोग के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं और बड़ी संख्या में दोबारा छपाई की आवश्यकता पड़ती है। पॉलिमर नोट अधिक टिकाऊ होने के कारण मुद्रण लागत में भी कमी ला सकते हैं।
आरबीआई ने टेंडर प्रक्रिया में सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए कड़े नियम भी तय किए हैं। बोली लगाने वाली कंपनियों का चीन या पाकिस्तान से जुड़ा कारोबार भारत से संबंधित कार्यों से अलग होना चाहिए। साथ ही चीन या पाकिस्तान से कच्चा माल खरीदने वाली कंपनियां पात्र नहीं होंगी। भारत से सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियों को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
दुनिया के लगभग 60 देशों में पॉलिमर नोट पहले से प्रचलन में हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इसकी शुरुआत की थी, जिसके बाद कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने भी इन्हें अपनाया। भारत में पहले भी पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया गया था, लेकिन अब इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में तैयारी तेज हो गई है।














