हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
‘शंकराचार्य के बयान का भी किया समर्थन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हनुमानगढ़ी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने सपा शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने का आरोप लगाया था। अखिलेश ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि भाजपा राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
महंत के वीडियो का दिया हवाला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हनुमानगढ़ी के महंत आनंद दास का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि महंत ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज किया है। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की “झूठ और फरेब की राजनीति” अब प्रभु राम के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुंच गई है।
‘धार्मिक पद का भी हो रहा अपमान’
सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि संकीर्ण राजनीति करते-करते कुछ लोग यह भूल जाते हैं कि झूठ बोलकर वे अपने धार्मिक पद का भी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति के लिए झूठ का सहारा लेना है तो धार्मिक पहचान का उपयोग नहीं करना चाहिए। आस्था के प्रतीकों का निजी राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना महा अधर्म है।
शंकराचार्य के बयान का समर्थन
अखिलेश यादव ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह उनके विचारों के साथ “शत-प्रतिशत” खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या को बदनाम करने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अयोध्या के साधु-संत भी इस पूरे घटनाक्रम से आहत हैं।

















