हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
लखनऊ में नए बिजली कनेक्शन के लिए स्मार्ट मीटरों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नियामक आयोग ने नवंबर 2025 में ही पावर कॉरपोरेशन को स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि नए कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाने हैं, तो उनकी अलग से खरीद करनी होगी। आयोग ने यह भी साफ किया था कि केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत मिले मीटर केवल पुराने मीटरों को बदलने के लिए ही उपयोग किए जा सकते हैं, नए कनेक्शन में नहीं।
इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन बिना नई खरीद किए आरडीएसएस के मीटरों का इस्तेमाल नए कनेक्शन देने में कर रहा है। बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 से ही इन मीटरों के जरिए नए कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं, जो आयोग के आदेशों के विपरीत है।
दरअसल, केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश भर में पुराने गैर-स्मार्ट मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं से मीटर का कोई शुल्क नहीं लिया जाना है। लेकिन अब इन्हीं मीटरों का उपयोग नए कनेक्शन के लिए भी किया जा रहा है, जिससे नियमों के उल्लंघन का सवाल उठ रहा है।
इस पूरे मामले ने बिजली व्यवस्था और नियामकीय आदेशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि आयोग इस पर क्या कार्रवाई करता है और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है।













