हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार सुबह 10 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे। बाजार और आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव करेगा या लगातार चौथी बार इसे 5.25 फीसदी पर ही स्थिर रखेगा।
रेपो रेट स्थिर रहने की उम्मीद
अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दबाव के बावजूद RBI रेपो रेट में बदलाव नहीं करेगा। दिसंबर 2025 के बाद से ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और जून 2026 की पिछली नीति समीक्षा में भी रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बरकरार रखी गई थी।
महंगाई और लिक्विडिटी पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सबसे अहम रेपो रेट नहीं, बल्कि RBI की आगे की नीति संबंधी टिप्पणी होगी। यदि केंद्रीय बैंक महंगाई पर सतर्क रुख बनाए रखता है और ‘न्यूट्रल’ पॉलिसी स्टांस जारी रखता है, तो बाजार को स्थिरता का संदेश मिलेगा। वहीं, महंगाई बढ़ने के संकेत मिलने पर भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं।
EMI पर क्या होगा असर?
यदि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होता है तो फिलहाल होम, ऑटो और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले लोन की EMI में राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि, स्थिर ब्याज दरें कर्ज लेने वालों और कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी रहेगी नजर
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे नीति की घोषणा करेंगे, जबकि दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंगाई, आर्थिक वृद्धि, वैश्विक हालात और आगे की मौद्रिक नीति पर विस्तृत जानकारी देंगे। निवेशकों और बाजार की निगाहें उनके संकेतों पर टिकी रहेंगी।














