हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑17 मई : 2025
नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज ने दावा किया कि बीजेपी उन अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने आप सरकार के दौरान दिल्लीवासियों के जरूरी कार्यों को रोकने का षड्यंत्र रचा था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दिल्ली के लोगों के जरूरी कामों को जानबूझकर रोकने वाले अधिकारियों को अब बीजेपी बचाने में जुट गई है। उन्हें जेल जाने से बचाने के लिए उनका ट्रांसफर दिल्ली से बाहर किया जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि इन अधिकारियों ने न केवल जनकल्याण योजनाओं को प्रभावित किया, बल्कि कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं की भी अनदेखी की।
सौरभ भारद्वाज ने कुछ अधिकारियों के नाम लेकर उन पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “वित्त सचिव ने बुजुर्गों की पेंशन, मोहल्ला क्लीनिक के स्टाफ, और अन्य विभागों के कर्मचारियों की सैलरी तक रोक दी। स्वास्थ्य सचिव ने भी इसी प्रकार की कार्रवाई की।” भारद्वाज का कहना है कि AAP सरकार पिछले दो साल से बार-बार यह मुद्दा उठाती रही है कि कुछ अधिकारी बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और दिल्ली की जनता के कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि अब जब दिल्ली में बीजेपी की सरकार है, तो इन अधिकारियों के सामने यह चुनौती है कि वे उन फाइलों पर सहमति कैसे दें, जिन्हें पहले उन्होंने रोक दिया था। भारद्वाज ने कहा,
“फाइनेंस सेक्रेटरी ने जिन आपत्तियों के आधार पर फंड रोका था, अगर अब वही पैसा जारी करते हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि पहले की आपत्तियां राजनीति से प्रेरित थीं। ऐसे में इन अफसरों पर कार्रवाई की गुंजाइश बनती है।”
भारद्वाज ने कहा कि “दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) के सबसे करीबी अफसरों को जेल जाने से बचाने के लिए अब उनका तबादला कर दिल्ली से बाहर भेजा जा रहा है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और जवाबदेही के खिलाफ है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP सरकार ने कई बार ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया।

















