हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 16 अप्रैल: 2025,
रिटर्न की स्क्रूटनी में सामने आई गड़बड़ियां
वित्तीय वर्ष 2021-22 के जीएसटी रिटर्न की जांच में कई विसंगतियां सामने आई हैं। विभाग के मुताबिक:
- रिटर्न में दी गई जानकारी गलत या अधूरी है।
- कई मामलों में गलत GSTIN, गलत चालान नंबर, या गलत राशि दर्शाई गई है।
- रिटर्न में दी गई जानकारी और अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही।
- बिक्री और खरीद के रिकॉर्ड में भी अंतर देखा गया है।
- कर की गणना (काउंटिंग) में भी त्रुटियां पाई गई हैं।
इनपुट टैक्स क्रेडिट और लेट फाइलिंग के मामले
- कई व्यापारियों ने गलत ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा किया है।
- कुछ ने रिटर्न देरी से फाइल किया, जिन पर ब्याज लंबित है।
- कुछ रिटर्न में गलत जीएसटी दर का उपयोग किया गया है।
10 हजार व्यापारियों को नोटिस भेजने की तैयारी
- विभाग की योजना अनुसार, 30 सितंबर 2025 तक इन व्यापारियों को नोटिस भेजे जाएंगे।
- संबंधित मामलों में 30 अक्टूबर 2025 तक ऑर्डर पारित किए जा सकेंगे।
निल रिटर्न भरने वालों की现场 जांच
- लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर निल रिटर्न भरने वाले व्यापारियों का मौके पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है।
- कुछ व्यापारियों ने अस्थायी रूप से काम बंद किया है, जबकि कुछ भविष्य में फिर से व्यापार शुरू करने की योजना में हैं।
- कई व्यापारी ₹50,000 से अधिक के ई-वे बिल का उपयोग करते हैं, लेकिन बाद में निल रिटर्न भरते हैं, जिससे शक पैदा होता है।
स्व-निर्धारण का मौका, लेकिन होगी जांच
“रिटर्न भरने के बाद उसकी स्क्रूटनी की जाती है। विभाग व्यापारी को स्वयं कर निर्धारण करने का अवसर देता है। विभाग यह जांच करेगा कि व्यापारी का निर्धारण सही है या नहीं। गलत पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी के पास अपील का अधिकार है।”
— एसएस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर, जीएसटी

















