हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी, वेंस की संभावित यात्रा से बढ़ी हलचल
22 अप्रैल को खत्म हो रहा सीजफायर, बढ़ी कूटनीतिक गतिविधियां
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति वार्ता की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance 22 अप्रैल को संभावित वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय पर प्रस्तावित है, जब 8 अप्रैल से लागू दो सप्ताह का सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस ईरान की सहमति का इंतजार कर रहा था, जो अब मिलती दिख रही है।
खामेनेई की मंजूरी के बाद खुला बातचीत का रास्ता
ईरान के भीतर इस वार्ता को लेकर मतभेद सामने आए थे। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) बातचीत से पहले अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा था। हालांकि, ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei ने अंततः वार्ता के लिए डेलिगेशन भेजने को मंजूरी दे दी। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देशों की मध्यस्थता ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप की चेतावनी—समझौता नहीं तो हमला संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू की जा सकती है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने कम समय में व्यापक समझौता होना मुश्किल है, लेकिन वार्ता में प्रगति होने पर सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सीजफायर को लेकर अलग-अलग दावे
जहां कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन सीजफायर बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, वहीं पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि इसे दो सप्ताह के लिए और बढ़ाया जा सकता है। ईरान ने अभी तक सार्वजनिक रूप से भागीदारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उसने संकेत दिए हैं कि वह वार्ता में शामिल हो सकता है।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना
इस संभावित वार्ता में वेंस के साथ अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और Jared Kushner के शामिल होने की भी चर्चा है। यदि यह बैठक होती है, तो यह अमेरिका-ईरान संबंधों में अहम मोड़ साबित हो सकती है।
#USIranTensions #PeaceTalks #IslamabadMeeting #Ceasefire #GlobalDiplomacy














