हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 30 सितम्बर 2025 : मिशन शक्ति फेज 5.0 जागरूकता अभियान के अंतर्गत अलीगढ़ पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। पुलिस ने 08 वर्षीय बच्ची रेचल और उसके 05 वर्षीय मूक-बधिर भाई राहुल को मात्र 24 घंटे के भीतर उनके परिजनों से मिलवाकर समाज में मिशन शक्ति की महत्ता को सार्थक किया।

मामला तब सामने आया जब 28 सितम्बर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अलीगढ़ ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि बच्ची रेचल यहां पर एक माह से रह रही थी। दोनों भाई-बहन को 28 अगस्त को थाना जीआरपी द्वारा सेंटर में दाखिल कराया गया था, लेकिन परिजनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। नियमानुसार राहुल को शेल्टर होम, ताला नगरी भेज दिया गया था।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (कार्यालय) श्रीमती सर्जना सिंह को परिजनों की खोज का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस अधीक्षक नगर श्री मृगांक शेखर पाठक, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती ममता कुरील और क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय श्री सर्वम सिंह के पर्यवेक्षण में टीम ने पड़ोसी जिलों से संपर्क साधा। प्रयासों के परिणामस्वरूप बदायूँ पुलिस की मदद से बच्चों के पिता महेन्द्र पुत्र रघुवीर सिंह (निवासी थाना जरीफनगर, जिला बदायूँ) का पता चल गया। महेन्द्र, जो भट्टे पर मजदूरी करते हैं, को अलीगढ़ बुलाया गया। नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर बच्चों को सुपुर्द किया जाएगा।
बच्चों को सकुशल उनके परिजनों तक पहुंचाने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए एसएसपी ने 25,000 रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।
टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी-कर्मचारी थे: श्रीमती कंचन कटियार (प्रभारी सखी वन स्टॉप सेंटर), नरेन्द्र कुमार शर्मा (प्रभारी निरीक्षक क्वार्सी), श्रीमती सीमा अब्बास (सेंट्रल मैनेजर सखी वन स्टॉप सेंटर), कांस्टेबल 1132 शुभम राठी तथा कांस्टेबल 1809 शुभम कुमार।















