अलीगढ़, 29 मार्च 2026 ,हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
खादी को पारंपरिक परिधानों की सीमाओं से बाहर निकालकर आधुनिक फैशन और बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में अलीगढ़ मंडल में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। छर्रा स्थित कृष्ण कुंज फार्म हाउस में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय खादी सेमिनार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि खादी अब केवल विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की सस्टेनेबल और ट्रेंडी पहचान बन रही है।

मा० जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने सेमिनार का फीता काटकर उद्घाटन करते हुए कहा कि खादी आज ‘वोकल फॉर लोकल’ से आगे बढ़कर ‘ग्लोबल अपील’ की ओर अग्रसर है। उन्होंने जोर दिया कि खादी केवल स्वदेशी का प्रतीक नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का भी मजबूत माध्यम है। उन्होंने “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का नारा देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। खादी का उपयोग करें, मां, माटी और ममता को याद रखें, राष्ट्र से प्रेम करें, प्लास्टिक-पॉलीथिन का त्याग करें, मिट्टी को पहचानें और दादी-नानी की सीख अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

सेमिनार का खास आकर्षण विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल रहे, जहां पारंपरिक खादी को आधुनिक डिजाइन और फैशन ट्रेंड के साथ प्रस्तुत किया गया। कुर्ता, जैकेट, हैंडलूम उत्पादों से लेकर डेकोरेटिव आइटम तक, खादी के विविध रूपों ने यह संकेत दिया कि यह सेक्टर तेजी से बाजारोन्मुख हो रहा है।
परिक्षेत्रीय खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संजीदा बेगम ने जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के स्नेह की सराहना की। सेमिनार में चयनित ग्राम प्रधानों को ₹2000 और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्री गांधी आश्रम बन्नादेवी, सर्वोदय खादी आश्रम साकरा, जनसेवा आश्रम रामपुर, बुनकर ग्रामोद्योग समिति छर्रा, सुमन खादी ग्रामोद्योग समिति धनसारी, जनता ग्रामोदय खादी आश्रम नई बस्ती छर्रा, सेवा सदन खादी आश्रम छर्रा, अरिदमन सेवा आश्रम छर्रा, सुमित खादी सेवा सदन एटा, अनुज खादी ग्रामोद्योग छर्रा, राधा खादी सेवा समिति छर्रा, तथा खादी ग्रामोद्योग मण्डल कासगंज सहित कई संस्थाओं ने भाग लिया और खादी को डिजाइन, गुणवत्ता और पैकेजिंग के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रदर्शन किया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल, प्रधान सम्मानित
कार्यक्रम में खादी और ग्रामोद्योग को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, विपणन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। सेमिनार ने यह स्पष्ट किया कि यदि खादी को आधुनिक मार्केटिंग, डिजाइन इनोवेशन और ब्रांडिंग से जोड़ा जाए तो यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगी, बल्कि देश-विदेश के बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती है।
ग्राम प्रधान हुए सम्मानित
जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा इगलास की ग्राम पंचायत तोछीगढ़, हैबतपुर गोंडा के रफायतपुर हैरौथा, जवा में पोथी, कनौरा चंडौस के मढौला, सहजपुर लोधा में ताजपुर रसूलपुर, कैथवारी धनीपुर में सिधौली केशोपुर गडराना, अकराबाद के गुदई मिश्रीपुर, गोपी खैर में रेसरी, जरारा टप्पल में घंघौली, अतरौली में गहतौली निर्मल, इज्जतपुर गंगीरी में मलसाई, रामपुर और बिजौली में हरदोई के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया।
सेमिनार में निदेशक इग्नू अजय वर्धन, सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार, सुधीर बाबू आर्य, राम कुमार शर्मा, अशर्फी लाल, विजय सिंह, सचिन, इंद्रा अग्रवाल, अमीना मोइन, मुकेश गुप्ता, कौशलेंद्र, सचिन, रेनू कनौजिया, मोहसिन चौधरी, ग्राम प्रधान राजकिशोर, पीतम सिंह, मनवीर सहित बड़ी संख्या में खादी समूह के पदाधिकारी उपस्थित रहे।















