हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
1. एएमयू को डीआरडीओ से 72.68 लाख का शोध प्रोजेक्ट
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एरोनॉटिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट बोर्ड से 72.68 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट जेडएचसीईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अजहर जमील के नेतृत्व में संचालित होगा। इससे पहले टीम ने 35.5 लाख के प्रोजेक्ट में हनीकॉम्ब संरचनाओं के फटीग व्यवहार का अध्ययन किया था, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। नए प्रोजेक्ट में जीएफआरपी स्किन और फोम कोर सैंडविच संरचनाओं के फ्रैक्चर व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा, जो एयरोस्पेस क्षेत्र में हल्की और मजबूत संरचनाओं के विकास में सहायक होगा।
2. एएमयू यूएचटीसी ने टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
जेएन मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने विश्व टीकाकरण सप्ताह के तहत आंगनवाड़ी केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम किया। डॉ. सना नवाब, डॉ. शाइस्ता परवीन और डॉ. सी.के. प्रभाकरन ने टीकाकरण के महत्व, मिथकों और सुरक्षा पर जानकारी दी। डॉ. रिया और डॉ. शबिया ने नाटक के माध्यम से भ्रांतियों को दर्शाया, जबकि विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तथ्यों से शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में एमपीएच छात्रों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। संवाद सत्र में लोगों ने सवाल पूछे और टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी।
3. वीमेन्स कॉलेज में ‘बायोब्लेज 2.0’ फेस्ट संपन्न
एएमयू वीमेन्स कॉलेज में दो दिवसीय लाइफ साइंसेज फेस्ट “बायोब्लेज 2.0” का आयोजन हुआ, जिसमें 80 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में वाद-विवाद, ई-पोस्टर, फूड कोर्ट और स्कैवेंजर हंट जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। जोया अमजद, फातिमा जाफरी और हुडा अहमद जैसी प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान हासिल किया। डॉ. मोहम्मद सलमान शाह ने तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ छात्रों की रचनात्मकता को मंच मिला। समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया।
4. एएमयू ने स्कूल में तंबाकू मुक्त अभियान शुरू किया
एएमयू के डेंटल कॉलेज द्वारा एसटीएस स्कूल (मिंटो सर्किल) में तंबाकू मुक्त विद्यालय अभियान शुरू किया गया। प्रो. नेहा अग्रवाल ने छात्रों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। छात्रों को परिसर को तंबाकू मुक्त बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य फैसल नफीस ने इसे स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में शिक्षकों और स्टाफ ने भी सहयोग किया। इस अभियान का उद्देश्य कम उम्र में ही तंबाकू के प्रति जागरूकता बढ़ाना और रोकथाम सुनिश्चित करना है।
5. एएमयू मल्लापुरम सेंटर में हॉल डे 2026 आयोजित
एएमयू मल्लापुरम सेंटर, केरल में हॉल डे 2026 उत्साहपूर्वक मनाया गया। प्रोवोस्ट गालिब नश्तर और निदेशक प्रो. एम. शाहुल हमीद ने छात्रावास जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शैक्षणिक, खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। गुलाम अशरफ तौकीर और सिदरा फातिमा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। शिक्षकों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें छात्र-शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही।
6. कंसल्टिंग क्लब का ‘द फाइनल ब्रीफकेस’ कार्यक्रम
एएमयू के कंसल्टिंग क्लब ने वाणिज्य विभाग में “द फाइनल ब्रीफकेस: द एस्केप” कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 100 से अधिक छात्रों ने भाग लेकर विश्लेषणात्मक और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण “बोर्डरूम क्राइसिस” में प्रतिभागियों ने कॉर्पोरेट समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया। प्रो. सबूही नसीम और सीए आसिम ने मूल्यांकन किया। टीम “द फाइव फूल्स”, “लाइफो” और “क्वांटम ऐस” क्रमशः विजेता रहीं। कार्यक्रम ने छात्रों में समस्या समाधान और टीमवर्क क्षमता को बढ़ावा दिया।
7. एएमयू प्रोफेसर का अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में योगदान
एएमयू के प्रो. मोहम्मद सनाउल्लाह नदवी ने यूनेस्को और ब्रिल के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में योगदान देकर वैश्विक पहचान हासिल की है। उन्होंने ‘सिल्क रोड्स प्रोग्राम’ में अरबी भाषा की ऐतिहासिक भूमिका पर शोध प्रस्तुत किया। उनका कार्य “स्टोरीटेलिंग, सीफेरिंग एंड ट्रैवल राइटिंग” और “हिंदिस एंड अफ्रीकन्स अक्रॉस द इंडियन ओशन” पुस्तकों में शामिल है। प्रो. नदवी के 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनका योगदान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समुद्री इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
8. एएमयू के पांच छात्रों का प्लेसमेंट
जेडएचसीईटी के पांच छात्रों का चयन स्टेपिंग क्लाउड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। चयनित छात्रों में छाया चौधरी, दीक्षा सरस्वत, मोहम्मद तय्यब इलियास खान, अनीला उस्मानी और फरहान अहमद सिद्दीकी शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी परीक्षा और साक्षात्कार शामिल थे, जिसमें 60 छात्रों में से पांच का चयन हुआ। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को बधाई दी। कंपनी ने छात्रों के शैक्षणिक स्तर की सराहना की। यह प्लेसमेंट विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और कौशल विकास का प्रमाण है।
9. एबीके हाई स्कूल में ‘माइंड मैटर्स’ कार्यशाला
एएमयू के एबीके हाई स्कूल (गर्ल्स) में “माइंड मैटर्स” श्रृंखला के तहत मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला आयोजित हुई। प्रो. एम. अतहर अंसारी और प्रो. सुबुही खान ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने माइंडफुलनेस, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक मजबूती पर जानकारी दी। डॉ. नशीद इम्तियाज, डॉ. ईशा रहमान और डॉ. हीना परवीन ने व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में छात्रों को खुलकर संवाद करने और मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला उपयोगी और सहभागितापूर्ण रही।
10. उर्दू विभाग में रिसर्च एसोसिएशन की बैठक
एएमयू उर्दू विभाग में रिसर्च एसोसिएशन का सत्र आयोजित हुआ। फरहीन शकील ने “तकलीद से तहकीक तक” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया, जबकि सज्जाद रहमानी ने इकबाल और सूफीवाद पर विचार रखे। प्रो. कमरुल हूदा फरीदी और अन्य शिक्षकों ने छात्रों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने शोध में निष्पक्षता और गुणवत्ता पर जोर दिया। कार्यक्रम में छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। यह सत्र अकादमिक चर्चा और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
11. एएमयू में जेंडर वेल-बीइंग पर कार्यशाला
एएमयू के एसीडब्ल्यूएस ने “मैपिंग सेफ्टी एंड जेंडर वेल-बीइंग” विषय पर कार्यशाला आयोजित की। प्रो. अजरा मूसवी और प्रो. समीना खान ने सुरक्षित परिसर के महत्व पर जोर दिया। साइबर विशेषज्ञों ने ऑनलाइन सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। छात्रों ने सुरक्षा मानचित्रण गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था। यह कार्यशाला छात्रों के लिए उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाली साबित हुई।














