साझा सहमति बनाने में भारत की अहम भूमिका, घंटों चली मैराथन बातचीत के बाद बनी सहमति
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ सामने आई तस्वीर ने वैश्विक कूटनीति में खासा ध्यान खींचा। तस्वीर में पीएम मोदी दोनों नेताओं का हाथ थामे नजर आए। तीनों नेताओं के बीच दिखा सहज तालमेल ब्रिक्स के बदलते समीकरणों और भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका की चर्चा का केंद्र बन गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। एक तस्वीर में वह पुतिन और जिनपिंग के साथ दिखाई दिए, जबकि दूसरी तस्वीर में पुतिन के साथ चलते और मुस्कुराते नजर आए। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ बातचीत के दौरान भी पुतिन उनके पास खड़े दिखाई दिए। पिछले तीन वर्षों में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की यह तीसरी मुलाकात बताई जा रही है।
ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय हुआ, जब रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा संकट और अमेरिका की व्यापार एवं टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में है। सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम समेत कई देशों के प्रमुख शामिल हुए।
सुबह चार बजे तक चली बातचीत
ब्रिक्स देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद के बावजूद भारत ने साझा सहमति बनाने के लिए लंबी बातचीत का नेतृत्व किया। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब चार बजे तक चली मैराथन वार्ता में अलग-अलग मतों को साधने की कोशिश की गई। पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बीच ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के बीच संतुलन बनाना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई है। सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों की मौजूदगी ने इसकी वैश्विक अहमियत और बढ़ा दी।

















