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केंद्रीय हिंदी संस्थान को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा हिंदी का प्रभाव

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 8 मई : 2025,

आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। 5 मई को शिक्षा मंत्रालय से इस आशय का पत्र संस्थान को प्राप्त हुआ, जिससे संस्थान में उत्सव का माहौल है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से न केवल संस्थान का शैक्षणिक कद बढ़ेगा, बल्कि हिंदी भाषा के शोध और शिक्षण को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।

अब शुरू होंगे पीएचडी, एमफिल और डीलिट जैसे उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान में अब पीएचडी, एमफिल और डीलिट जैसे उच्च स्तरीय शोध पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा सकेंगे। इससे शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और हिंदी भाषा के गहन अध्ययन के नए रास्ते खुलेंगे। अभी तक संस्थान में हिंदी के 10वीं, 12वीं, स्नातक और बीएड स्तर के पाठ्यक्रम ही चल रहे थे, जिनमें स्वदेशी और विदेशी छात्र अध्ययन करते हैं।

डिग्री को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय मान्यता

अब तक संस्थान से प्राप्त डिग्री को अन्य विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता नहीं दी जाती थी। डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद यहां से प्राप्त डिग्री को भारत ही नहीं, विश्व के अन्य देशों में भी मान्यता मिलेगी। इससे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और नौकरी के नए द्वार खुलेंगे।

लंबी प्रक्रिया के बाद मिली स्वीकृति

इस यात्रा की शुरुआत संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. कमला प्रसाद और तत्कालीन निदेशक प्रो. शंभूनाथ द्वारा 2008 से पहले की गई थी। वर्ष 2016 में इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संस्थान ने डीम्ड यूनिवर्सिटी की प्रक्रिया हेतु 10 लाख रुपये की आवेदन शुल्क जमा की।

नवंबर 2023 में मंत्रालय द्वारा एक शपथपत्र मांगा गया, जिसके बाद यूजीसी की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया। फिर 10 दिसंबर 2024 को निदेशक द्वारा आशय पत्र (LOI) की शर्तों का पालन करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अंततः यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए 3 अप्रैल 2025 को अपनी बैठक में इसे स्वीकृति दे दी।

बढ़ेंगे रोजगार और शिक्षकों के अवसर

मानद विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से संस्थान में नई शैक्षणिक और प्रशासनिक नियुक्तियों की संभावना भी बढ़ गई है। नए पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता होगी, जिससे शिक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सीटें और पाठ्यक्रम दोनों में वृद्धि संभव

वर्तमान में संस्थान में लगभग 100 विदेशी और 275 स्वदेशी विद्यार्थियों के लिए सीटें उपलब्ध हैं। डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद न केवल नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे, बल्कि विद्यार्थियों की सीटों में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे अधिक संख्या में छात्र लाभान्वित हो सकेंगे।

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