हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 03 सितम्बर 2025
महिला बंदियों के साथ जेलों में रह रहे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण के लिए अब ’’सुरक्षित बचपन योजना’’ लागू की गई है। यह योजना इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में तैयार की गई है, जिसमें कारागार प्रशासन एवं सुधार, गृह, बेसिक शिक्षा, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार तथा स्वास्थ्य विभाग की सिफारिशों और सहमति को शामिल किया गया है।
मण्डलायुक्त संगीता सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जेलों में रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित वातावरण की व्यवस्था करना है, ताकि वे अभावग्रस्त और असुरक्षित माहौल में पलने से वंचित न हों। उन्होंने कहा कि इसके तहत बच्चों की शिक्षा, पौष्टिक आहार, चिकित्सा सुविधाएँ, मनोवैज्ञानिक परामर्श और मनोरंजनात्मक गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जनपदीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिलाधिकारी करेंगे, जबकि जिला प्रोबेशन अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। साथ ही समिति में वरिष्ठ अधीक्षक/अधीक्षक जिला कारागार, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित वरिष्ठ बाल चिकित्सक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि मंडल के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा, अपर निदेशक स्वास्थ्य और उप परिवीक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजना को सुचारू रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव, महिला कल्याण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।
इस योजना से न केवल महिला बंदियों के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर जीवन मिलेगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। ’’सुरक्षित बचपन योजना’’ जेलों में पल रहे मासूम बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल कही जा रही है।














