हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 04 सितम्बर 2025
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में अब गति दिखने लगी है। हाल ही में जिलाधिकारी संजीव रंजन द्वारा बैंकों की लापरवाही पर जताई गई नाराजगी और सख्ती के बाद स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। गत सप्ताह हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ कहा था कि बिना उचित कारण बड़ी संख्या में आवेदनों को निरस्त करना स्वीकार्य नहीं है। साथ ही सभी बैंकों को स्पष्ट मासिक लक्ष्य दिए गए थे।
पंजाब नेशनल बैंक सबसे आगे, एसबीआई ने दिखाई सक्रियता
गुरुवार को संयुक्त आयुक्त उद्योग अलीगढ़ मंडल, बीरेंद्र कुमार ने योजना की प्रगति की पुनः समीक्षा की। इसमें पाया गया कि पंजाब नेशनल बैंक ने सर्वाधिक ऋण वितरण कर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने खुद 65 आवेदन पत्र तैयार कर प्रस्तुत किए। बैठक में उपस्थित एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक हेमराज ने भरोसा दिलाया कि बैंक हर हाल में निर्धारित मासिक लक्ष्य पूरे करेगा।
आर्यावर्त और एचडीएफसी पिछड़े
ग्रामीण बैंक आर्यावर्त नौरंगाबाद द्वारा “अविवाहित होने” के कारण निरस्त किए गए एक आवेदन को वित्तपोषित करने का निर्णय लिया गया और तुरंत औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। इसके बावजूद ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त और एचडीएफसी बैंक की प्रगति सबसे कमजोर रही। आर्यावर्त बैंक के जिला समन्वयक संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिसके बाद मामला अध्यक्ष, यूपी ग्रामीण बैंक को कार्यवाही हेतु भेजा गया। वहीं एचडीएफसी ने भरोसा दिलाया कि 15 सितम्बर तक वे लक्ष्य पूर्ति कर लेंगे।
केनरा बैंक का आश्वासन, हर 15 दिन होगी समीक्षा
केनरा बैंक ने भी आश्वासन दिया कि आगे से कोई भी आवेदन बिना ठोस कारण के निरस्त नहीं होगा। संयुक्त आयुक्त उद्योग ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब प्रत्येक 15 दिन पर समीक्षा की जाएगी, ताकि प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
इस प्रकार, डीएम की सख्ती और समीक्षा तंत्र के चलते योजना में बैंकों की रफ्तार बढ़ने लगी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में युवा उद्यमियों को समय पर लाभ मिल सकेगा।













