हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑16 मई : 2025
ग्रेटर नोएडा, यूपी। उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश का अगला बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ अरुणवीर सिंह ने गुरुवार को जानकारी दी कि ग्रेटर नोएडा के यीडा सेक्टर-28 में 3,700 करोड़ रुपये के निवेश से एक अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित की जाएगी। इस परियोजना से प्रदेश को न केवल तकनीकी दृष्टि से बल मिलेगा, बल्कि लगभग 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध होगा।
सीईओ अरुणवीर सिंह ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कैबिनेट की ओर से एक ‘विशेष उपहार’ बताया। उन्होंने कहा कि यह यूनिट एचसीएल और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित की जा रही है। दोनों कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी हैं — एचसीएल हार्डवेयर विकास में और फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में।
इस सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट की जाएगी। यूनिट की लोकेशन यमुना एक्सप्रेसवे से बिल्कुल सटी हुई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी दोनों में सुविधा होगी।
सीईओ ने बताया, “यह भारत सरकार का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में छठा स्वीकृत प्रोजेक्ट है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से छह और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं, जो सभी यीडा क्षेत्र से संबंधित हैं।”
राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए अलग नीति बनाई है, जिसके तहत सब्सिडी, टैक्स में छूट और अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के अंतर्गत यूपी में एक सकारात्मक निवेश वातावरण तैयार हुआ है, जिससे विदेशी और घरेलू दोनों कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।
सेमीकंडक्टर यूनिट में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण किया जाएगा, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पर्सनल कंप्यूटर और अन्य स्मार्ट डिवाइसेज़ में किया जाता है। यीडा के अनुसार, इस यूनिट से प्रतिवर्ष 2.6 मिलियन (26 लाख) चिप्स के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
सीईओ ने बताया कि इस सेमीकंडक्टर यूनिट के साथ एक इन्क्यूबेशन सेंटर की भी स्थापना की जाएगी, जिससे नए स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ‘सुपर हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
















