हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
पहली ही बारिश में दो स्थानों पर स्लिपेज, NHAI ने कहा- एक्सप्रेस-वे पूरी तरह सुरक्षित, एहतियात के तौर पर हो रही मरम्मत
लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के महज 17 दिन के भीतर दूसरी बार सड़क धंसने (स्लिपेज) की घटना सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे के उन्नाव जिले में किलोमीटर संख्या 30 के पास 15 से 20 मीटर क्षेत्र में सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दिया है। इससे पहले पहली बारिश के दौरान किलोमीटर संख्या 64 पर भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी, जिसे निर्माण एजेंसी ने पैचवर्क कर ठीक किया था।
उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही सामने आई दूसरी खामी
इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद पहली बारिश में सड़क पर स्लिपेज की शिकायत मिली थी। अब दूसरी बार सड़क की सतह प्रभावित होने से परियोजना की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है।
NHAI ने बताया सामान्य प्रक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा है कि एक्सप्रेस-वे पूरी तरह सुरक्षित है। प्रोजेक्ट मैनेजर नकुल वर्मा के अनुसार, पहली बारिश के बाद कुछ स्थानों पर मिट्टी बैठना सामान्य प्रक्रिया है। जिन स्थानों पर भविष्य में स्लिपेज की आशंका है, वहां एहतियात के तौर पर पहले से मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
पूरे एक्सप्रेस-वे की निगरानी जारी
NHAI के मुताबिक विशेषज्ञों की टीम पूरे एक्सप्रेस-वे का लगातार निरीक्षण कर रही है। संभावित जोखिम वाले हिस्सों की समय रहते मरम्मत की जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित न हो। साथ ही वाहन चालकों से फीडबैक भी लिया जा रहा है और सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे अनुभवों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। हालांकि, लगातार दूसरी बार सामने आई स्लिपेज की घटना ने करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर बहस तेज कर दी है।

















