Aligarh
अस्थाई गौ आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण, शीतलहरी में गौवंश की सुरक्षा पर सख्त निर्देश
गौवंश की सेवा और संरक्षण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त : रमाकांत उपाध्याय अलीगढ़, 02 फरवरी 2026 ,हिन्दुस्तान…
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण: अब तक 29,728 आवेदन प्राप्त, राजनीतिक दलों संग हुई अहम बैठक
मतदाता सूची की शुद्धता पर जोरअब तक 29,728 आवेदन प्राप्त, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश राजनीतिक दलों…
“अब जर्जर कस्तूरबा गांधी स्कूलों में नहीं होगी पढ़ाई, स्मार्ट क्लास और अनुशासन पर डीएम का जोर”
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और स्मार्ट क्लास पर डीएम का विशेष फोकस जर्जर भवनों में पढ़ाई नहीं, अपूर्ण कार्य…
सिगरेट की कीमतों में भारी उछाल: ₹10 वाली सिगरेट अब कितने की? देखें पूरा रेट चार्ट
नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:देश में धूम्रपान करने वालों के लिए 1 फरवरी 2026 से झटका लगना तय है।…

अतरौली के 100 बेड अस्पताल में डॉक्टरों की तत्परता, हार्ट अटैक मरीज को मिली नई जिंदगी
Aligarh:अतरौली। स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों की मुस्तैदी ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है।…
AMU की सभी ख़बरें सिर्फ 1 क्लिक पर 2-4-2026
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: एएमयू में फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजी के एकीकरण पर यूपी-एपीपीआईसीओाएन 2026 का आयोजन अलीगढ़, 2 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी और फिजियोलॉजी विभाग द्वारा 3 और 4 अप्रैल को “इंटीग्रेटिंग फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी” विषय पर यूपी-एपीपीआईसीओाएन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया (एडीआर) रिपोर्टिंग के 37 वर्षों (1989-2026) की उपलब्धि पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य चिकित्सा अनुसंधान तथा क्लिनिकल प्रैक्टिस में अंतर्विषयी दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। दो दिवसीय इस शैक्षणिक कार्यक्रम में 37 विशेषज्ञ व्याख्यान, चार प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएँ तथा 110 से अधिक पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियाँ ऑफलाइन और वर्चुअल दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएँगी। कार्यक्रम के दौरान प्रो. एम. नसीरुद्दीन बेस्ट पोस्टर अवॉर्ड और प्रो. के.सी. सिंघल बेस्ट ओरल अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, साथ ही चार लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम को यूपीएमसी द्वारा छह सीएमई घंटों की मान्यता प्रदान की गई है। एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून इस सम्मेलन की मुख्य संरक्षक हैं, जबकि चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद और जेएनएमसी के प्रिंसिपल एवं सीएमएस प्रो. अंजुम परवेज संरक्षक हैं। सम्मेलन का नेतृत्व एपीपीआई यूपी-यूके की अध्यक्ष प्रो. मनीषा जिंदल, आयोजन अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद असलम, आयोजन सचिव प्रो. सैयद जियाउर रहमान तथा संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. तनुज माथुर कर रहे हैं। यह कार्यक्रम देश के प्रमुख शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर संवाद और नवाचार को बढ़ावा देगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा और रोगी देखभाल को सुदृढ़ किया जा सकेगा। —————— एएमयू ने अलीगढ़ मंडल में जल जीवन मिशन पर प्रभाव अध्ययन शुरू किया अलीगढ़, 2 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भारत सरकार की “हर घर जल” पहल के सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का आकलन करने के लिए जल जीवन मिशन (जेजेएम) का एक व्यापक प्रभाव अध्ययन प्रारंभ किया है। इस अध्ययन का उद्देश्य फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन्स (एफएचटीसी) के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से हुए बदलाव का विश्लेषण, विशेष रूप से अलीगढ़ मंडल के गांवों में जीवन की गुणवत्ता पर इसके प्रभाव का मूल्यांकन करना है। मैदानी कार्य का पहला चरण धनीपुर ब्लॉक के भोजपुर गांव से शुरू हुआ, जिसके लिए जिला परियोजना प्रबंधन इकाई और उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई, ताकि प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। शोध दल में प्रो. नसीम अहमद खान, डॉ. मोहम्मद ताहिर, डॉ. कुर्रतुल ऐन अली, डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, डॉ. शायना सैफ, डॉ. अंदलीब, डॉ. मोहम्मद उजैर, डॉ. समीरा खानम और डॉ. अनम आफताब शामिल हैं। इनके साथ शोध सहायक डॉ. ताहा फातिमा और मोहम्मद समीर खान तथा फील्ड अन्वेषक मोहम्मद बिलाल खान, हमजा अली, मुजफ्फर हाशमी, अब्दुल हन्नान, माज फारूक और मोहम्मद मोहसिन भी कार्य कर रहे हैं।…
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